धर्म

आज का हिन्दू पंचांग: जानिए 2 दिसंबर का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज का हिन्दू पंचांग: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिन – गुरुवार

विक्रम संवत – 2078

शक संवत -1943

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – हेमंत

मास – मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक)

पक्ष – कृष्ण

तिथि – त्रयोदशी रात्रि 08:26 तक तत्पश्चात चतुर्दशी

नक्षत्र – स्वाती शाम 04:28 तक तत्पश्चात विशाखा

योग – शोभन शाम 05:00 तक तत्पश्चात अतिगण्ड

राहुकाल – दोपहर 01:50 से शाम 03:12 तक

सूर्योदय – 07:01

सूर्यास्त – 17:54

दिशाशूल – दक्षिण दिशा में

व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि

विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

ससुराल में तकलीफ़ हो तो

सुहागन देवियाँ को अगर ससुराल में बहुत कष्ट है …. अपनी शुभ मनोकामनाएं पूरी न होने की पीड़ा है उनके लिए महर्षि अंगीरा के बताये अनुसार मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या ( इस 04 दिसम्बर 2021 शनिवार को ) माँ पार्वती का स्मरण करते हुए उनको मन ही मन प्रणाम करें …. ” हे माँ मैं अपने घर में सुख … शांति … और समृद्धि की वृद्धि हेतु ये व्रत कर रही हूँ “… सुबह ये संकल्प करें और ११ मंत्र से माँ पार्वती को प्रणाम करें ….ॐ पार्वतये नमः
ॐ हेमवत्ये नमः
ॐ अम्बिकाय नमः
ॐ गिरीश वल्लभाय नमः
ॐ गंभीर नाभ्ये नमः
ॐ अपर्नाये नमः
ॐ महादेव्यै नमः
ॐ कंठ गामिन्ये नमः
ॐ क्षण मुखाये नमः
ॐ लोक मोहिन्ये नमः
ॐ मेनका कुक्षी रत्नाये नमः

फिर भगवान गणपतिजी और कार्तिक स्वामी को मन ही मन प्रणाम कर दें … हो सके तो ८ बत्ती वाला दीपक जलाएं …. और रात भर वो दीपक जलता रहे सुबह भले विसर्जन हो जाए ।

नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए

04 दिसम्बर, शनिवार को अमावस्या है ।
घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।

अमावस्या
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)

धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए
हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गुगल, ७. गुड़, ८. देशी कपूर, गौ चंदन या कण्डा।
विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
आहुति मंत्र
१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

Aadhya technology

 

 

 

यह भी पढ़े: सऊदी अरब सरकार ने दी उमराह न करने वाले लोगों को तवाफ़ करने की इजाज़त

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button