धर्म

Aaj ka Panchang 07 January: माघ माह आज से शुरू, जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

Aaj ka Panchang 07 January: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक – 07 जनवरी 2023

दिन – शनिवार

विक्रम संवत् – 2079

शक संवत् – 1944

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शिशिर

मास – माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र में पौष)

तिथि – प्रतिपदा 08 जनवरी सुबह 07:07 तक तत्पश्चात द्वितीया

नक्षत्र – पुनर्वसु 8 जनवरी प्रातः 03:08 तक तत्पश्चात पुष्य

योग – इन्द्र सुबह 08:55 तक तत्पश्चात वैधृति

राहु काल – सुबह 10:04 से 11:25 तक

सूर्योदय – 07:22

सूर्यास्त – 06:10

दिशा शूल – पूर्व दिशा में

ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:36 से 06:29 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:20 से 01:12 तक

व्रत पर्व विवरण

विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

 माघ मास विशेष

 इस मास में सकामभाव से, स्वार्थ से भी अगर स्नान करते हैं तब भी मनोवांछित फल प्राप्त होता है लेकिन कोई स्वार्थ नहीं हो और भगवान की प्रीति के लिए, भगवान की प्राप्ति के लिए व्रत-स्नानादि करते हैं, सत्संग सुनते हैं तो निष्काम मोक्षपद की प्राप्ति हो जाती है ।*

 सामर्थ्यपूर्वक प्रतिदिन हवन आदि करें तो अच्छा, नहीं तो जप तो जरूर करना चाहिए ।*

 माघ मास में अगर कल्पवास करने को मिले अर्थात् एक समय भोजन, ब्रह्मचर्यव्रत-पालन, भूमि पर शयन आदि तो चाहे जितना भी असमर्थ हो फिर भी उसमें सामर्थ्य – मानसिक सामर्थ्य, बौद्धिक सामर्थ्य, आर्थिक सामर्थ्य उभरने लगता है ।*

माघ मास में तिल का उबटन, तिलमिश्रित जल से स्नान, तर्पण, तिल का हवन, तिल का दान और भोजन में तिल का प्रयोग – ये कष्टनिवारक, पाप निवारक माने गये हैं ।*

 इस मास में पति-पत्नी के सम्पर्क से दूर रहनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है और सम्पर्क करनेवाले के आयुष्य का नाश होता है।*

 भूमि पर शयन अथवा गद्दा हटाकर पलंग पर सादे बिस्तर पर शयन करें ।*

 धन में, विद्या में कोई कितना भी कमजोर हो, असमर्थ हो उसको उतने ही बलपूर्वक माघ स्नान कर लेना चाहिए । इससे उसे धन में, बल में, विद्या में वृद्धि प्राप्त होगी।

 माघ मास का प्रातःस्नान असमर्थ को सामर्थ्य देता है, निर्धन को धन, बीमार को आरोग्य, पापी को पुण्य व निर्बल को बल देता है ।

 माघ मास में मूली का त्याग कर देना चाहिए ।

माघ मास में विशेष करणीय

जो माघ मास में गुरुदेव का पूजन करते हैं उनको पूरा मास स्नान करने का फल प्राप्त होता है – ऐसा ‘ब्रह्म पुराण’ में लिखा है । इस मास में पुण्यस्नान, दान, तप, होम और उपवास भयंकर पापों का नाश कर देते हैं

शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)

 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*

आर्थिक कष्ट निवारण हेतु

एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।

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