धर्म

Aaj Ka Panchang 1 September: इस नक्षत्र में शुरू हुआ नया महीना, देखे शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 1 September: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक – 01 सितम्बर 2022

दिन – गुरुवार

विक्रम संवत् – 2079

शक संवत् – 1944

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शरद

मास – भाद्रपद

पक्ष – शुक्ल

तिथि – पंचमी दोपहर 02:49 तक तत्पश्चात षष्ठी

नक्षत्र – स्वाती रात्रि 12:12 तक तत्पश्चात विशाखा

योग – ब्रह्म रात्रि 09:12 तक तत्पश्चात इन्द्र

राहु काल – दोपहर 02:14 से 03:48 तक

सूर्योदय – 06:22

सूर्यास्त – 06:57

दिशा शूल – दक्षिण दिशा में

ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:36 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:17 से 01:02 तक

व्रत पर्व विवरण – ऋषि पंचमी

विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है ।
(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

 ऋषि पंचमी – 01 सितम्बर 2022

ऋषि पंचमी के दिन माताएँ आमतौर पर व्रत रखती हैं । जिस किसी महिला ने मासिक धर्म के दिनों में शास्त्र-नियमों का पालन नहीं किया हो या अनजाने में ऋषि का दर्शन कर लिया हो या इन दिनों में उनके आगे चली गयी हो तो उस गलती के कारण जो दोष लगता है, उस दोष का निवारण करने हेतु वह व्रत रखा जाता है ।

गुरुभक्ति बढ़ाने के प्रयोग

गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :

एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।

ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।

फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें ।

दुग्धसेवन संबंधी महत्त्वपूर्ण बातें

क्या करें ? 

(१) रात्रि को दूध पीना पथ्य ( हितकर), अनेक दोषों का शामक एवं नेत्रहितकर होता है ।*

(२) पीपरामूल, काली मिर्च, सोंठ इनमें से एक या अधिक द्रव्य दूध के साथ लेने से वह सुपाच्य हो जाता है तथा इन द्रव्यों के औषधीय गुणों का भी लाभ प्राप्त होता है ।

(३) उबले हुए गर्म दूध का सेवन वात-कफशामक तथा औटाकर शीतल किया हुआ दूध पित्तशामक होता है ।

(४) देशी गाय के दूध में देशी घी मिला के पीने से मेधाशक्ति बढ़ती है ।

क्या न करें 

(१) फल, तुलसी, अदरक, लहसुन, खट्टे एवं नमकयुक्त पदार्थों के साथ दूध का सेवन नहीं करना चाहिए ।

२) नया बुखार, मंदाग्नि, कृमिरोग, त्वचारोग, दस्त, कफ के रोग आदि में दूध का सेवन न करें ।

(३) दूध को ज्यादा उबालने से वह पचने में भारी हो जाता है ।

४) बासी, खट्टा, खराब स्वादवाला, फटा हुआ एवं खटाई पड़ा हुआ दूध भूल के भी नहीं पीना चाहिए ।
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