धर्म

Aaj Ka Panchang 11 June: एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा, ये है आज की तिथि और राहुकाल

Aaj Ka Panchang 11 June: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक 11 जून 2022

दिन – शनिवार

विक्रम संवत – 2079

शक संवत – 1944

अयन – उत्तरायण

ऋतु – ग्रीष्म

मास – ज्येष्ठ

पक्ष – शुक्ल

तिथि – एकादशी प्रातः 05:45 तक तत्पश्चात द्वादशी

नक्षत्र – स्वाती रात्रि 02:05 तक तत्पश्चात विशाखा

योग – परिघ रात्रि 08:47 तक तत्पश्चात शिव

राहुकाल – सुबह 09:16 से 10:58 तक

सूर्योदय – 05:54

सूर्यास्त – 07:25

दिशाशूल – पूर्व दिशा में

ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:30 से 05:12 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.18 से 01:00 तक

व्रत पर्व विवरण – निर्जला एकादशी

विशेष – एकादशी को चावल खाना वर्जित है ।

निर्जला एकादशी 11 जून 2022

एकदाशी में क्या करें, क्या ना करें ?

1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें, नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करे ।

2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, विष्णु सहस्रनाम पाठ करें ।

हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l

राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जाप करना चाहिए ।

4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।

5. एकदशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाएं । इस दिन फल आहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।

6. व्रत के ( दशमी, एकादशी और द्वादशी ) – इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) – इनका सेवन न करें ।

7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।

8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।

9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।

10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें, इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।

11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।

12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।

13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1बजे तक) ।

14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।

इस विधि से व्रत करनेवाला उत्तम फल को प्राप्त करता है ।

Insta loan services

यह भी पढ़े: दिल्‍ली के इन इलाकों में हो सकती है पानी की समस्या, पहले से कर लें तैयारी

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button