धर्म

Aaj Ka Panchang Hindu 17 March: जानें आज का शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की चाल

Aaj Ka Panchang Hindu 17 March: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक- 17 मार्च 2022

दिन – गुरुवार

विक्रम संवत – 2078

शक संवत – 1943

अयन – उत्तरायण

ऋतु – वसंत

मास – फाल्गुन

पक्ष – शुक्ल

तिथि – चतुर्दशी 01:29 पी. एम. तक ततपश्चात पूर्णिमा

नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 12:34 ए. एम तक,मार्च 18 तपश्चात उत्तराफाल्गुनी

योग – शूल 01:09 ए. एम मार्च 18 तत्पश्चात गण्ड

राहुकाल –2:18 पी.एम से 03:49 पी.एम. तक

सूर्योदय – 06:47 ए. एम.

सूर्यास्त – 06:49 पी.एम

चन्द्रोदय – 06:04 पी.एम

दिशाशूल – दक्षिण

विजय मुहूर्त – 2:49 पी.एम. से 3:37 पी.एम

अमृत काल – 6:07 पी.एम. से 07:43पी.एम

गोधूलि मुहूर्त – 6:37 पी.एम से 7:01 पी.एम

सायह्न सन्ध्या – 6:49 पी.एम से 8:01 पी.एम

दिन के चौघड़िया

6:47 से 8:17 शुभ – उत्तम
8:17 से 9:47 रोग- अमंगल
9:47 से 11:18 उद्वेग-अशुभ
11:18 से 12:48 चर – सामान्य
12:48 से 2:18 लाभ – उन्नति
2:18 से 3:49 अमृत- सर्वोत्तम
3:49 से 5:19 काल – हानि
5:19 से 6:49 शुभ – उत्तम

रात के चौघड़िया

6:49 से 8:19 अमृत- सर्वोत्तम
8:19 से 9:49 चर – सामान्य
9:49 से 11:18 रोग- अमंगल
11:18 से 12:48 काल – हानि
12:48 से 2:17 लाभ – उन्नति
2:17 से 3:47 उद्वेग-अशुभ
3:47 से 5:16 शुभ – उत्तम
5:16 से 6:46 अमृत- सर्वोत्तम
व्रत पर्व विवरण – होलिका दहन, पूर्णिमा दोपहर 1:30 पी.एम से

चतुर्दशी ,पूर्णिमा व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।

होली की रात को बिना तेल-घी का भोजन करना चाहिए । इसके पीछे कितना सूक्ष्म रहस्य है कि चिकने-चटपटे पदार्थ खाने से कफ बढ़ता है । अतः बिना घी-तेलवाला रात्रि का भोजन होता है तो सूखे अन्न से आपके कफ का अवशोषण होगा, पाचन-तंत्र ठीक बना रहेगा।

इन दिनों में कीर्तन-यात्रा निकालना विशेष हितकारी है।

इस ऋतु में 1 से 20 दिन रोज 15-20 नीम के कोमल पत्ते 2 काली मिर्च के साथ चबा लें तो वर्षभर आपकी रोगप्रतिकारक शक्ति की रक्षा होगी।

15-20 दिन अलोना (नमक बिना का) भोजन करें तो आपका कफ संतुलित रहेगा, कमजोरी नहीं आयेगी, शरीर स्वस्थ बना रहेगा ।
इस मौसम में गन्ना चूसना, करेला खाना स्वास्थ्यप्रद है।

प्राणायाम, आसन करने चाहिए इस जीवनशक्ति का विकास होता है।
कूद-फाँद करना और नया धान्य, जिसको ‘होला’ बोलते हैं, सृष्टिकर्ता को अर्पण करके सेंककर बाँटते हुए खाना-खिलाना चाहिए ।
पूनम के दिन पंचगव्य का प्रसाद लेना चाहिए । इससे हड्डी तक के रोगों का शमन होता है।
– ऋषि प्रसाद, फरवरी 2015

पलाश के फूलों से होली खेलें:

पलाश के फूलों का रंग रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाता है। गर्मी को पचाने की, सप्तरंगों व सप्तधातुओं को संतुलित करने की क्षमता पलाश में है। पित्त और वायु मिलकर हृदयाघात (हार्ट- अटैक) का कारण बनते हैं। लेकिन जिस पर पलाश के फूलों का रंग छिड़क देते हैं उसका पित्त शांत हो जाता है तो हृदयाघात कहाँ से आयेगा ? वायुसंबंधी 80 प्रकार की बीमारियों को भगाने की शक्ति इस पलाश के रंग में है । पलाश के फूलों से जो होली खेली जाती है, उसमें अन्य रासायनिक रंगों की अपेक्षा पानी की बचत भी होती है।

Madhavgarh Farms

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Jagjeet Singh

जगजीत सिंह तेज़ तर्रार न्यूज़ चैनल में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहे हैं। इन्होंने टेक्निकल, विश्व और एजुकेशन से सम्बंधित लेखो को अपने लेखन में प्रकाशित किया है।

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