धर्म

Daily Panchang 6 April: नवरात्र की पंचमी तिथि पर रहेगा रोहिणी नक्षत्र

Daily Panchang 6 April: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक 06 अप्रैल 2022

दिन -बुधवार

विक्रम संवत – 2079

शक संवत – 1944

अयन – उत्तरायण

ऋतु – वसंत

मास – चैत्र

पक्ष – शुक्ल

तिथि – पंचमी शाम 06:01 तक तत्पश्चात षष्टी*

नक्षत्र – रोहिणी शाम 07:40 तक तत्पश्चात मृगशिरा

योग -आयुष्मान सुबह 08:38 तक तत्पश्चात सौभाग्य

राहुकाल – दोपहर 12:42 से 02:16 तक

सूर्योदय – 06:28

सूर्यास्त – 06:56

दिशाशूल – उत्तर दिशा में

ब्रह्म मुहूर्त– सुबह 04:55 से 05:42 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.19 से 01:05 तक

अमृत काल: दोपहर 04:06 से 05:53 तक

व्रत पर्व विवरण – श्री राम राज्यभिषेक महोत्सव

विशेष : पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

नवरात्रि की पंचमी तिथि:

6 अप्रैल बुधवार को चैत्र – शुक्ल पक्ष की पंचमी की बड़ी महिमा है | इसको श्री पंचमी भी कहते है | संपत्ति वर्धक है |

इन दिनों में लक्ष्मी पूजा की भी महिमा है | ह्रदय में भक्तिरूपी श्री आये इसलिए ये उपासाना करें | इस पंचमी के दिन हमारी श्री बढ़े, हमारी गुरु के प्रति भक्तिरूपी श्री बढ़े | उसके लिए भी व्रत, उपासाना आदि करना चाहिए | पंचमं स्कंध मातेति | स्कंध माता कार्तिक स्वामी की माँ पार्वतीजी …. उस दिन मंत्र बोलो – ॐ श्री लक्ष्मीये नम: |

आर्थिक परेशानी हो:

स्कंद पुराण में लिखा है चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी (06 अप्रैल 2022 बुधवार) के दिन लक्ष्मी पूजा के खास बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करे और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी प्राप्त होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती हैं | उसके घर से आर्थिक समस्याए धीरे धीरे किनारा करती है | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –

ॐ चलायै नम:
ॐ भुत्यै नम:
ॐ हरिप्रियायै नम:
ॐ पद्मायै नम:
ॐ पद्माल्यायै नम:
ॐ संपत्यै नम:
ॐ ऊच्चयै नम:
ॐ श्रीयै नम:
ॐ पद्मधारिन्यै नम:

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||

द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||

उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करें |

धर्म शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि की पंचमी तिथि को स्कंदमाता की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं व गरीबों को केले का दान करें। इससे आपके परिवार में सुख-शांति रहेगी।

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