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Geeta Jayanti 2023: कब है गीता जयंती, जाने इसका महत्व और शुभ मुहूर्त

गीता जयंती, भगवद गीता के उद्घाटन के दिन के रूप में मनाई जाती है, वह दिन है जब भगवद गीता का श्रवण और पाठ करने के लिए शुभ माना

गीता जयंती, भगवद गीता के उद्घाटन के दिन के रूप में मनाई जाती है, वह दिन है जब भगवद गीता का श्रवण और पाठ करने के लिए शुभ माना जाता है। इस विशेष दिन पर, व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर गीता के उपदेशों का महत्वपूर्ण रूप से महत्व बढ़ता है।

गीता जयंती कब है?
गीता जयंती हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस वर्ष, गीता जयंती 2023 14 दिसंबर को है।

गीता जयंती का महत्व:
गीता जयंती का उद्दीपन महाभारत के युद्धभूमि कुरुक्षेत्र में हुआ था, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिष्य अर्जुन को जीवन के महत्वपूर्ण तत्त्वों का उपदेश दिया था। गीता जयंती को मनाने से लोग भगवद गीता के अद्भूत उपदेशों का स्मरण करते हैं और अपने जीवन में उन्हें अमल में लाने का संकल्प करते हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त:
गीता जयंती के दिन विशेष पूजा विधि है जिसे लोग अनुसरण करते हैं। पूजा का शुभ मुहूर्त इस वर्ष दिनांक 14 दिसंबर 2023 है, जब एकादशी तिथि प्रारंभ होती है। पूजा के दौरान भगवद गीता के श्लोकों का पाठ किया जाता है और भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है।

गीता जयंती के दिन लोग ध्यान और मेधाशक्ति को बढ़ाने के लिए गीता के उपदेशों का सार ग्रहण करते हैं और इसे अपने जीवन में अमल में लाने का प्रयास करते हैं। इस दिन को एक शिक्षा और साधना के रूप में माना जाता है जो व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है।Accherishtey
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