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Kaal Bhairav Jayanti: काल भैरव जयंती पर न करें ये काम, जानें महत्व और पूजा विधि

काल भैरव जयंती 2023: काल भैरव जयंती हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण होती है और इसे भगवान शिव के एक अद्वितीय रूप के रूप में माना जाता है।

काल भैरव जयंती 2023: काल भैरव जयंती हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण होती है और इसे भगवान शिव के एक अद्वितीय रूप के रूप में माना जाता है। यह त्योहार भगवान काल भैरव की पूजा और अर्चना के रूप में मनाया जाता है, जिसे भगवान की कृपा और आशीर्वाद को प्राप्त करने का सुअवसर मिलता है। इस विशेष दिन पर, विशेष रूप से भैरव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और वे भगवान के चरणों में अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं।

काल भैरव जयंती के इस खास मौके पर, विशेष रूप से ऐसे 5 कामों से बचना चाहिए जो भूल से भी नहीं किए जाने चाहिए, क्योंकि इनका असर दुर्भाग्य को पीछे नहीं छोड़ता है।

झूठ बोलना: इस दिन, भक्तों को झूठ बोलने से बचना चाहिए, क्योंकि भगवान काल भैरव सत्य का प्रतीक है और वह झूठ को बर्दाश्त नहीं करते।

किसी को ठगना: इस दिन, दूसरों को ठगना और धोखा देना भी भगवान के द्वारा अभिनीत नहीं किया जाता है। भक्तों को नेतृत्व और ईमानदारी में रहने का संकल्प करना चाहिए।

अशुभ शब्दों का उपयोग: इस विशेष दिन पर, किसी भी प्रकार के अशुभ शब्दों का उपयोग भी बचना चाहिए। श्रेष्ठ है कि भक्त शुभ विचारों और भाषा का उपयोग करें।

श्राप देना: काल भैरव जी की पूजा में, भक्तों को श्राप देने का कोई अधिकार नहीं होता है। इसलिए, किसी को शापित करने की भावना से बचना चाहिए।

अनादर की भावना: इस पवित्र दिन पर, भक्तों को दूसरों के प्रति आदर और सम्मान का भाव बनाए रखना चाहिए। अनादर और अश्रद्धा के भावनाओं से बचकर भक्ति में समर्पित रहना चाहिए।

इस पवित्र दिन पर इन उपवासों और नियमों का पालन करके भक्ति भावना में समर्पित होकर, भगवान काल भैरव से कृपा और आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। यह एक अद्वितीय अनुष्ठान है जो भक्तों को भगवान के साथ सम्बंधित करता है और उन्हें भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति में बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।Accherishtey
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