धर्म

हजारों साल पुराना है मां बाल सुंदरी का ये अनोखी मंदिर; आ गया था यहां ‘भूचाल’

रामपुर में पीपली वन स्थित माता बाल सुंदरी का मंदिर वर्षो से माता के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. शारदीय नवरात्र के मौके पर यहां आने वाले लोगों की भीड़ देखते ही बनती है.

रामपुर में पीपली वन स्थित माता बाल सुंदरी का मंदिर वर्षो से माता के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. शारदीय नवरात्र के मौके पर यहां आने वाले लोगों की भीड़ देखते ही बनती है. वैसे तो इस मंदिर में पूरे साल भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, मगर साल में नवरात्रों में बाला सुंदरी मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है. इस मंदिर में विराजमान मां भगवती बाल सुंदरी देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

जूना अखाड़ा के महंत सोमनन्द सरस्वतीने बताया कि यहां हजारों वर्ष पूर्व घुमन्तुओ द्वारा गाय काट दी गई थी. जिससे क्षुब्ध होकर माता बाल सुंदरी मंदिर का गुंबद फाड़कर काशीपुर चली गई थी. माता के प्रकोप से यहां सब वीरान हो गया था. जिसके बाद माता से माफी मांग कर उनको मनाकर यहां वापस लाया गया. तभी से माता पुनः अपने स्थान घने जंगल पीपली वन में विराजमान हो गई. महंत ने बताया कि यहां दर्शन करने से वैवाहिक जीवन खुशहाली के साथ बीतता है. मंदिर में शक्ति की ऊर्जा इस कदर महसूस होती है कि भक्तों के सारे दुख-दर्द यहां आने से मिट जाते हैं.

Accherishtey 

 

 

 

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