धर्म

आज का हिन्दू पंचांग 27 अगस्त: शनि अमावस्या पर कर लें शनि देव को प्रसन्न, जानें तिथि

आज का हिन्दू पंचांग 27 अगस्त: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक – 27 अगस्त 2022

दिन – शनिवार

विक्रम संवत् – 2079

शक संवत् – 1944

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शरद

मास – भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण)

पक्ष – कृष्ण

तिथि – अमावस्या दोपहर 01:46 तक तत्पश्चात प्रतिपदा

नक्षत्र – मघा रात्रि 08:26 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी

योग – शिव रात्रि 02:07 तक तत्पश्चात सिद्ध

राहु काल – सुबह 09:31 से 11:06 तक

सूर्योदय – 06:20

सूर्यास्त – 07:02

दिशा शूल – दक्षिण दिशा में

ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से 05:35 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 से 01:04 तक

व्रत पर्व विवरण – अमावस्या

विशेष – अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

अमावस्या के दिन ध्यान रखने योग्य बातें

26 अगस्त 2022 दोपहर 12:24 से 27 अगस्त दोपहर 01:46 तक अमावस्या है ।

1. जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महीने भर का किया हुआ पुण्य दूसरे को (अन्नदाता को) मिल जाता है ।
(स्कंद पुराण, प्रभास खं. 207.11.13)

2. अमावस्या के दिन पेड़-पौधों से फूल-पत्ते, तिनके आदि नहीं तोड़ने चाहिए, इससे ब्रह्महत्या का पाप लगता है ! (विष्णु पुराण)*

4. अमावस्या के दिन खेती का काम न करें, न मजदूर से करवाएं ।

5. अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का सातवाँ अध्याय पढ़ें और उस पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पण करें । सूर्य को अर्घ्य दें और प्रार्थना करें । आज जो मैंने पाठ किया मेरे घर में जो गुजर गए हैं, उनको उसका पुण्य मिल जाए । इससे उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पत्ति बढ़ेगी ।

 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)

हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)

आर्थिक कष्ट निवारण हेतु

एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।
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