धर्म

आज का हिन्दू पंचांग 28 अप्रैल: आज प्रदोष व्रत, जानें मुहूर्त और शुभ योग कब से कब तक

आज का हिन्दू पंचांग 28 अप्रैल: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक 28 अप्रैल 2022

दिन – गुरुवार

विक्रम संवत – 2079

शक संवत – 1944

अयन – उत्तरायण

ऋतु – ग्रीष्म

मास – वैशाख

पक्ष – कृष्ण

तिथि – त्रयोदशी रात्रि 12:26 तक तत्पश्चात चतुर्द्धशी

नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद शाम 05:40 तक तत्पश्चात रेवती

योग – वैधृति शाम 04:29 तक तत्पश्चात विष्कम्भ

राहुकाल – दोपहर 2:14 से 03:51 तक

सूर्योदय – 06:09

सूर्यास्त – 07:06

दिशाशूल – दक्षिण दिशा में

ब्रह्म मुहूर्त– प्रातः 04:40 से 05:25 तक

अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:11से 01:03 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.15 से 12:59 तक

 व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत , स्वामी समर्थ पुण्यतिथि

विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

गुरु प्रदोष व्रत – 28 अप्रैल

जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है । प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं , गुरुवार को पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष के नाम से जाना जाता है। वह समय शिव पूजा व गुरु पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है।

गुरुभक्ति बढ़ाने के प्रयोग

गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें :
एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं।

ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः ।

फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति , गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें। थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें।
-लोककल्याण सेतु , अंक – 116

इससे आपके घर में सुख-शांति की वृद्धि होगी

संध्या के समय घर में किसीको सोना नहीं चाहिए | उस समय घर के प्रत्येक कक्ष में कुछ देर के लिए रोशनी अवश्य कर दें | यदि सम्भव हो तो बीमार व्यक्ति भी भले बिस्तर पर ही सही, निद्रा त्यागकर बैठ जाय | सभी लोग मन-ही-मन भगवन्नाम का सुमिरन करें | इससे घर में सुख-शांति की वृद्धि होती है |

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