धर्म

आज का हिन्दू पंचांग 29 जुलाई: आज करें मां लक्ष्मी की आराधना, होगी धन वर्षा

आज का हिन्दू पंचांग 29 जुलाई: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक – 29 जुलाई 2022

दिन – शुक्रवार

विक्रम संवत – 2079

शक संवत – 1944

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – वर्षा

मास – श्रावण

पक्ष – शुक्ल

तिथि – प्रतिपदा रात्रि 01:21 तक तत्पश्चात द्वितीया

नक्षत्र – पुष्य सुबह 09:47 तक तत्पश्चात अश्लेषा

योग – सिद्धि शाम 06:36 तक तत्पश्चात व्यतिपात

राहु काल – सुबह 11:07 से 12:36 तक

सूर्योदय – 06:09

सूर्यास्त – 07:24

दिशा शूल – पश्चिम दिशा में

ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:43 से 05:26 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:25 से 01:08 तक

व्रत पर्व विवरण – व्यतिपात योग

विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा,पेठा) न खाएं, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

व्यतिपात योग – 29 जुलाई 2022
29 जुलाई शाम 06:37 से 30 जुलाई शाम 07:02 तक

व्यतिपात योग में किया हुआ जप, तप, मौन, दान व ध्यान का फल १ लाख गुना होता है ।

सावधानी से स्वास्थ्य – भाग (१)

स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यरक्षक कुछ नियम जान लें

ब्राह्ममुहूर्त में उठें (सूर्योदय से लगभग दो घंटे पूर्व ब्राह्ममुहूर्त होता है ।)

सुबह खाली पेट रात का रखा हुआ (गुनगुना) पानी पियें । इससे पेट की तमाम बीमारियाँ दूर हो जाती हैं । कब्ज अनेक बीमारियों की जड़ है, वह इस प्रयोग से दस दिन में ठीक हो जाती है ।

सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान करें । सर्वप्रथम अपने सिर पर पानी डालें फिर पूरे शरीर पर ताकि सिर आदि शरीर के ऊपरी भागों की गर्मी पैरों से निकल जाय । अगर पहले पैरों पर पानी डालते हैं तो पैरों की गर्मी सिर पर चढ़ती है । अतः सावधानी रखें ।

सदैव सूती एवं स्वच्छ वस्त्र पहनें । कृत्रिम (सिंथैटिक) कपड़े न पहनें । ये कपड़े जीवनशक्ति का ह्रास करते हैं ।

चौबीस घंटों में केवल दो बार भोजन करें । अगर तीसरी बार करते हों तो बहुत सावधान रहें, हलका नाश्ता करें ।

धन-सम्पत्ति के लिए क्या करें ?

घर के अंदर, लक्ष्मी जी बैठी हों ऐसा फोटो रखना चाहिए और दुकान के अंदर, लक्ष्मी जी खड़ी हों ऐसा फोटो रखना चाहिए ।

ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाने से तथा पूजा के स्थान पर गंगाजल रखने से घर में लक्ष्मी की वृद्धि होती है ।

नौकरी-धंधे के लिए जाते हों और सफलता नहीं मिल पाती हो तो इक्कीस बार ‘श्रीमद् भगवद गीता’ का अंतिम श्लोक बोलकर फिर घर से निकलें तो सफलता मिलेगी । श्लोकः

यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः ।
तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम ।।
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