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आज का हिन्दू पंचांग 21 अप्रैल: गुरु की राशि में चंद्रमा का गोचर, ये है आज की तिथि

आज का हिन्दू पंचांग 21 अप्रैल: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक 22 अप्रैल 2022

दिन – शुक्रवार

विक्रम संवत – 2079

शक संवत – 1944

अयन – उत्तरायण

ऋतु – ग्रीष्म

मास – वैशाख

पक्ष – कृष्ण

तिथि – षष्टी सुबह 08:42 तक तत्पश्चात सप्तमी

नक्षत्र – पूर्वाषाढा रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा

योग – शिव सुबह 07:12 तक तत्पश्चात सिद्ध

राहुकाल – सुबह 11:02 से 12:38 तक

सूर्योदय – 06:14

सूर्यास्त – 07:03

दिशाशूल – पश्चिम दिशा में

ब्रह्म मुहूर्त– प्रातः 04:44 से 05:29 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12.16 से 01:00 तक

व्रत पर्व विवरण

विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।

(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

सौभाग्य और ऐश्वर्य बढाने हेतु

जो लोग अपने जीवन में सुख सौभाग्य और ऐश्वर्य को बढ़ाना चाहे वे शुक्रवार का व्रत करें | व्रत मतलब नमक -मिर्च बिना का भोजन ..खीर आदि खा सकते हैं और जप ज्यादा करें |

ग्रीष्मकालीन समस्याओं व गर्मी से बचने हेतु उपाय
(भाग – 2)
७] इस मौसम में तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए | लाल मिर्च, अदरक, खट्टी लस्सी या दही बहुत नुकसान करते हैं | इस मौसम में तो खीर खाओ |
८] जिसको भी गर्मी हो, आँखे जलती हो वह मुलतानी मिट्टी लगा के थोड़ी देर बैठे और फिर स्नान कर ले तो शरीर की गर्मी निकल जायेगी, सिरदर्द दूर होगा |

९] पीपल के पेड़ में पित्त-शमन का सामर्थ्य होता है | इसके कोमल पत्तों यानी कोपलों का बना १० ग्राम मुरब्बा खा ले | कैसी भी गर्मी हो, शांत हो जायेगी |

मुरब्बा बनाने की विधि : पीपल के २५० ग्राम लाल कोमल पत्तों को पानी से धोकर उबाल लें | फिर पीसकर उसमें समभाग मिश्री व देशी गाय का ५० ग्राम घी मिला के धीमी आँच पर सेंक लें | गाढ़ा होने पर जब घी छोड़ने लगे तब नीचे उतार के ठंडा करके किसी साफ़ बर्तन (काँच की बनी बरनी उत्तम है ) में सुरक्षित रख लें |

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