धर्म

आज का हिन्दू पंचांग 14 मार्च: जान‍िए दिन सोमवार का पंचांग और शुभ मुहूर्त

आज का हिन्दू पंचांग 14 मार्च: राहुकाल और शुभमुहूर्त के साथ जानें कैसे लगेगा कार्यस्थल पर मन और उन्नतिकारक कुंजियाँ

दिनांक 14 मार्च 2022

दिन – सोमवार

विक्रम संवत – 2078

शक संवत – 1943

अयन – उत्तरायण

ऋतु – वसंत

मास – फाल्गुन

पक्ष – शुक्ल

तिथि – एकादशी 12:05 पी. एम. तक ततपश्चात द्वादशी

नक्षत्र – पुष्य 10:08 पी. एम तक तपश्चात अश्लेषा

योग – अतिगण्ड 04:15 ए. एम मार्च 15 तत्पश्चात सुकर्मा

राहुकाल -8:20 ए.एम से 09:49 ए.एम. तक

सूर्योदय – 06:50 ए. एम.

सूर्यास्त – 06:48 पी.एम

चन्द्रोदय – 03:14 पी.एम.

चन्द्रोस्त – 5:01 ए.एम मार्च 15

दिशाशूल – पूर्व

विजय मुहूर्त – 2:49 पी.एम. से 3:37 पी.एम

ब्रह्म मुहूर्त – 5.13 ए.एम. से 06:02 ए. एम.

सर्वार्थ सिद्धि योग – 6:50 ए. एम. से 10.08 पी.एम.

गोधूलि मुहूर्त – 6:36 पी.एम से 7:00 पी.एम

सायह्न सन्ध्या – 6:48 पी.एम से 8:00 पी.एम

दिन के चौघड़िया

6:50 से 8:20 अमृत- सर्वोत्तम
8:20 से 9:49 काल – हानि
9:49 से 11:19 शुभ – उत्तम
11:19 से 12:49 रोग- अमंगल
12:49 से 2:19 उद्वेग-अशुभ
2:19 से 3:49 चर – सामान्य
3:49 से 5:18 लाभ – उन्नति
5:18 से 6:48 अमृत- सर्वोत्तम

रात के चौघड़िया

6:48 से 8:18 चर – सामान्य
8:18 से 9:48 रोग- अमंगल
9:48 से 11:18 काल – हानि
11:18 से 12:49 लाभ – उन्नति
12:49 से 2:19 उद्वेग-अशुभ
2:19 से 3:49 शुभ – उत्तम
3:49 से 5:19 अमृत- सर्वोत्तम
5:19 से 6:49 चर – सामान्य

व्रत पर्व विवरण– आमलकी एकादशी एवं षडशीति संक्रांति

एकादशी के दिन करने योग्य

13 मार्च 2022 रविवार को सुबह 10:21 से 14 मार्च, सोमवार को 12:05 पी.एम. तक एकादशी है ।

विशेष – 14 मार्च , सोमवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
*एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

एकादशी के दिन ये सावधानी रहे

एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

महीने में 15-15 दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा

षडशीति संक्रान्ती

14 मार्च 2022 { पुण्यकाल-दोपहर 12:48 से सूर्यास्त तक षडशीति संक्रान्ती है ।

इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप – ध्यान, प्रार्थना में लगायें।

षडशीति संक्रांति में किये गए जप ध्यान का फल 86000 गुना होता है – (पद्म पुराण )

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