Vastu Tips: मुख्य द्वार पर भूलकर भी न लगाएं देवी-देवताओं के ये रूप!
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। मान्यता है कि इसी रास्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश......

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। मान्यता है कि इसी रास्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए मुख्य द्वार की साफ-सफाई और वहां रखी या लगाई जाने वाली चीजों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। कई लोग घर के प्रवेश द्वार पर देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाते हैं। हालांकि, वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार हर तरह की धार्मिक तस्वीर मुख्य द्वार के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती। विशेष रूप से देवी-देवताओं के रौद्र या उग्र स्वरूप वाली तस्वीरों को मुख्य द्वार पर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसे स्वरूप घर के वातावरण में तनाव और अशांति से जुड़ी ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। इससे परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव और विवाद की स्थिति बन सकती है। आइए जानते हैं किन देवी-देवताओं के उग्र स्वरूप की तस्वीरें मुख्य द्वार पर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
शनिदेव की तस्वीर
शनिदेव को न्याय और कर्मफल से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देने वाले देवता के रूप में उनकी पूजा की जाती है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में शनिदेव की तस्वीर या मूर्ति को घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाने से बचने की बात कही जाती है। ऐसा माना जाता है कि मुख्य द्वार पर उनकी तस्वीर लगाने से घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और परिवार के लोगों को तनाव या परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
भगवान शिव का रौद्र स्वरूप
भगवान शिव के कई स्वरूपों की पूजा की जाती है, लेकिन वास्तु मान्यताओं में उनके रौद्र या क्रोधित रूप को घर के मुख्य द्वार के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। खासकर नटराज या अत्यंत उग्र मुद्रा वाली तस्वीर को प्रवेश द्वार पर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसे स्वरूप से जुड़ी ऊर्जा घर में तनाव और पारिवारिक मतभेद की स्थिति को बढ़ा सकती है।
मां काली का उग्र स्वरूप
मां काली को शक्ति और बुराई के विनाश का प्रतीक माना जाता है। उनका उग्र स्वरूप दुष्ट शक्तियों के संहार और प्रचंड शक्ति से जुड़ा हुआ है। वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार मां काली के अत्यंत उग्र स्वरूप वाली तस्वीर को घर के मुख्य दरवाजे पर लगाने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे घर के वातावरण में तनाव और अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
मुख्य द्वार पर रखें सकारात्मकता का ध्यान
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसलिए इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक तस्वीर लगाते समय भी उसके स्वरूप और स्थान का ध्यान रखने की मान्यता है।









