Delhi-Mumbai Expressway का नया रास्ता तैयार, इन शहरों को होगा फायदा
दिल्ली से मुंबई तक अभी पूरा सफर लगातार एक्सप्रेसवे के जरिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कुछ हिस्सों का निर्माण अभी बाकी है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। नवसारी के बाद करीब 157 किलोमीटर लंबे नए हिस्से से गुजरात और महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली से मुंबई तक अभी पूरा सफर लगातार एक्सप्रेसवे के जरिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कुछ हिस्सों का निर्माण अभी बाकी है।
दिल्ली से वडोदरा तक बड़ा हिस्सा चालू
करीब 1,350 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट देश के कई प्रमुख राज्यों को जोड़ रहा है। इसका बड़ा हिस्सा दिल्ली से वडोदरा के बीच यातायात के लिए खोला जा चुका है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश होते हुए गुजरात तक पहुंचता है। वडोदरा के आगे नवसारी तक अभी सभी हिस्सों में एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कई जगह यात्रियों को एक्सप्रेसवे से उतरकर पुराने नेशनल हाईवे-48 का इस्तेमाल करना पड़ता है।
157 KM का नया स्ट्रेच बदलेगा सफर का तरीका
नवसारी के बाद तैयार हो रहा करीब 157 किलोमीटर का नया एक्सप्रेसवे सेक्शन गुजरात से महाराष्ट्र की ओर जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद वापी, वलसाड और दहानू जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है। नए मार्ग के कारण इन क्षेत्रों में पुराने एनएच-48 पर वाहनों का दबाव भी कुछ कम हो सकता है। हालांकि, मुंबई की ओर जाने वाले पूरे रूट को अभी पूरी तरह एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए कुछ अन्य हिस्सों का काम पूरा होना बाकी है।
NH-48 पर कम हो सकता है ट्रैफिक का दबाव
वर्तमान में पुराने एनएच-48 पर भारी वाहनों, औद्योगिक परिवहन और स्थानीय ट्रैफिक की वजह से कई जगह दबाव बना रहता है। नया एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद इस ट्रैफिक का एक हिस्सा नए मार्ग पर शिफ्ट होने की संभावना है। इससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच यात्रा ज्यादा सुगम और तेज हो सकती है। खासकर नवसारी से पालघर की दिशा में जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
सूरत से मुंबई तक कनेक्टिविटी को भी फायदा
नए स्ट्रेच का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। सूरत, नवसारी, वापी, वलसाड और मुंबई क्षेत्र के बीच सामान की आवाजाही करने वाले कारोबारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली से मुंबई तक लगातार एक्सप्रेसवे पर सफर का सपना पूरा होने में अभी कुछ समय लग सकता है। बाकी निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ही इस पूरे कॉरिडोर की कनेक्टिविटी और ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है।









