PM मोदी का गुजरात दौरा: 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में लेंगे भाग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे। इस अवसर पर वे 8 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले सोमनाथ..

PM मोदी का गुजरात दौरा:11 जनवरी को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में लेंगे भाग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे। इस अवसर पर वे 8 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लेंगे। यह चार दिवसीय पर्व धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का संगम होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान सालभर चलने वाले आयोजन भी शुरू किए जाएंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: आस्था और संस्कृति का उत्सव
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आत्मसम्मान को सशक्त बनाना है। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के विशेष इंतजाम किए हैं।
‘सोमनाथ सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक’
भाजपा प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, आत्मा और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि आज से ठीक 1000 साल पहले, 6 जनवरी 1026 को महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर का विध्वंस किया था। सोमनाथ के दर्शन से माना जाता है कि पाप नष्ट होते हैं, पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोवांछित फल मिलते हैं।
भारत की समृद्धि और संकल्प का प्रतीक
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना 1951 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की देखरेख में हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विरोध के बावजूद यह संकल्प साकार हुआ। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास और समृद्धि की ओर बढ़ रहा है, और सोमनाथ का संकल्प उसी दिशा में प्रतीक बनकर खड़ा है।
पीएम मोदी का लेख: सोमनाथ – भारतीय सभ्यता का अडिग प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कह चुके हैं कि विदेशी आक्रांताओं के कई हमलों के बावजूद दोबारा खड़ा हुआ सोमनाथ मंदिर भारतीय सभ्यता की अजेय और अटल भावना का प्रतीक है। हाल ही में अपने लेख में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस वर्ष मंदिर पर हुए पहले आक्रमण को 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनवरी 1026 में महमूद गजनवी ने इस महान तीर्थ को नष्ट करने का प्रयास किया था, लेकिन सोमनाथ आज भी गौरव के साथ खड़ा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत, आत्मसम्मान और आध्यात्मिक शक्ति को आगे बढ़ाने का संदेश देगा।









