Drone Attack in Sudan: मस्जिद पर हमला, कुरान पढ़ रहे बच्चों की मौत
सूडान के कोर्डोफान क्षेत्र में बुधवार तड़के एक मस्जिद पर ड्रोन हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और कम से कम 13 लोग घायल हो गए।

Drone Attack in Sudan: सूडान के कोर्डोफान क्षेत्र में बुधवार तड़के एक मस्जिद पर ड्रोन हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और कम से कम 13 लोग घायल हो गए। मृतक बच्चे उस समय मस्जिद में कुरान पढ़ रहे थे। यह घटना सूडान में लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध की भयावह तस्वीर को फिर से उजागर करती है।
सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने बताया कि उत्तर कोर्डोफान के अल-रहाद शहर में यह हमला पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) ने किया। नेटवर्क के प्रवक्ता मोहम्मद अलशेख ने कहा कि मस्जिद में बच्चों को निशाना बनाना कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि इबादतगाहों पर हमले का यह पैटर्न लगातार जारी है और इसमें आम नागरिकों को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है।
RSF की ओर से इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और RSF के बीच गृहयुद्ध चल रहा है। दोनों पक्ष पहले साथी थे और 2019 में हुए जन-आंदोलन के बाद लोकतांत्रिक बदलाव की निगरानी कर रहे थे, लेकिन तनाव बढ़ने के बाद इनके बीच संघर्ष शुरू हो गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार इस युद्ध में अब तक कम से कम 40,000 लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 1 करोड़ 20 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दूर-दराज के इलाकों में लगातार लड़ाई होने के कारण वास्तविक हताहतों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है।
सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने बताया कि मस्जिदों पर हमले एक व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं। पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 15 से ज्यादा मस्जिदें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके साथ ही 165 से अधिक चर्च भी नष्ट हो चुके हैं या बंद कर दिए गए हैं। ड्रोन हमले इस युद्ध में आम हो चुके हैं। कुछ दिन पहले ही RSF के ड्रोन ने मध्य सूडान में विस्थापित परिवारों की गाड़ी पर हमला किया था, जिसमें कम से कम 24 लोग मारे गए, जिनमें आठ बच्चे शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त ने चेतावनी दी है कि कोर्डोफान क्षेत्र ‘अस्थिर और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का केंद्र’ बन चुका है, क्योंकि दोनों पक्ष रणनीतिक इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह हमला सूडान में गृहयुद्ध की भयावहता और आम नागरिकों की सुरक्षा की चुनौती को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों और सहायता संगठन लगातार युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय मदद पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Fatehpur Mother Murder: बेटे ने मां को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट









